HomeHindiLife shayari Life shayari Pankaj Kashyap May 25, 2021 में तो एक चलता मुसाफिर हूँ कभी यहा तो कभी वहा फिकर तो मुझे तुम्हरी है क्यों कि तुम्हे चार दीवारों की आदत है । pankaj kashyap
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